भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कि बिहार राज्य कमेटी की ओर से आज पार्टी कार्यालय में समारोहपूर्वक बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए राज्य सचिव अवधेश कुमार द्वारा घोषणा पत्र जारी किया गया। उनके साथ पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य अरुण मिश्रा, सचिव मंडल सदस्य सर्वोदय शर्मा, गणेश शंकर सिंह, रामपरी मौजूद थे। इस अवसर पर पार्टी वेबसाइट एवं मोबाइल एप भी जारी किया। घोषणापत्र जारी करने के सिलसिले में बिहार चुनाव के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए राज्य कमेटी ने कहा कि बिहार और पूरे देश में धर्मनिरपेक्षता, संवैधानिक अधिकारों एवं जनतंत्र तथा सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए भाजपा जदयू गठबंधन को पराजित करना अत्यंत आवश्यक है।
सीपीआईएम ने इसी राजनैतिक उद्देश्य के लिए वामपंथी दलों सहित महागठबंधन के साथ समझौता किया है।
सचिव ने घोषणा पत्र में उल्लेखित मुख्य बिंदुओं की चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार ने बिहार के साथ विश्वासघात किया और भाजपा को पीछे के दरवाजे से सत्ता की चाबी सौंप दी। भाजपा जदयू का 15 वर्षों का शासन हर मोर्चे पर असफल एवं जन विरोधी शासन रहा है। इस काल में सृजन घोटाला, प्राकलन घोटाला, शौचालय घोटाला, नल- जल घोटाला आदि अनेकों घोटाले हुए हैं ।
हाल ही में नीति आयोग और एनसीआरबी की रिपोर्ट से बिहार सरकार के विकास एवं कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है ।
इस दौर में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम एवं अरिया में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़िता सहित उसके सहयोगियों को जेल में बंद करने की घटना बिहार के माथे पर कलंक है।
बिहार सरकार का प्रवासी मजदूरों के साथ क्रूरता पूर्वक व्यवहार, किसानों की दुर्दशा, पीड़ितों की व्यथा, करोना पर काबू पाने एवं इलाज की व्यवस्था करने की विफलता, स्वास्थ्य , शिक्षा, खाद्य सुरक्षा जैसे मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करने की विफलता के अलावा महिलाओं ,दलितों पर हमले बलात्कार दहेज हत्या सांप्रदायिक हिंसा में वृद्धि ऐसे उधारण हैं जिसके आधार पर अब इस सरकार को एक दिन भी सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।
पार्टी की ओर से चुनाव के दूसरे चरण में चार सीट, विभूति पर से अजय कुमार , मांझी से सत्येंद्र यादव , मटिहानी से राजेंद्र सिंह पिपरा से राज मंगल प्रसाद के हसीया हथौड़ा तारा के सामने बटम दबाकर सीपीआईएम उम्मीदवारों को विजय बनाएं।
पार्टी राज्य की आम मतदाताओं से अपील करती है कि वे बिहार में तीन चरणों में होने वाले चुनावों में महागठबंधन की प्रतियाशियों को अपना मत देकर महागठबंधन की सरकार बनाने के रास्ते को प्रशस्त करें।